न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय न्यूज़:- बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद लालू प्रसाद यादव के परिवार में राजनीतिक और पारिवारिक तनाव गहराता जा रहा है। इस विवाद के केंद्र में अब तेजस्वी यादव के दो सलाहकारों के नाम सामने आ रहे हैं—राज्यसभा सांसद संजय यादव और उत्तर प्रदेश मूल के रमीज नेमत।
रमीज नेमत सिर्फ तेजस्वी यादव के बचपन के दोस्त नहीं हैं बल्कि दोनों दिल्ली के डीपीएस में साथ पढ़ चुके हैं और क्रिकेट भी साथ खेलते रहे हैं। इतना ही नहीं, उनकी फैमिली और तेजस्वी की पत्नी राजश्री का घर भी एक ही इलाके में है। अब रमीज फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह है उनका बृजभूषण शरण सिंह से जुड़ा सियासी रिश्ता।
रमीज नेमत का बृजभूषण शरण सिंह से राजनीतिक कनेक्शन
दरअसल, रमीज नेमत, उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद रिजवान जहीर के दामाद हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति में रिजवान जहीर और भाजपा के कद्दावर नेता बृजभूषण शरण सिंह के बीच दशकों पुरानी सियासी अदावत रही है।
दोनों ही नेता देविपाटन मंडल की राजनीति पर लंबे समय तक प्रभावी रहे-बृजभूषण शरण सिंह: गोंडा, बहराइच, कैसरगंज से तो वही रिजवान जहीर: बलरामपुर, श्रावस्ती से सियासी तौर पर दोनों का क्षेत्र बंटा हुआ माना जाता था।
सियासी दुश्मनी कैसे हुई गहरी?
रिजवान जहीर समाजवादी और बसपा खेमे से जुड़े रहे, जबकि बृजभूषण लंबे समय तक भाजपा के बड़े चेहरे रहे, हालांकि वह एक समय सपा में भी शामिल हुए।
2004 में जब भाजपा ने बृजभूषण को बलरामपुर से टिकट दिया, तो दोनों बाहुबलियों की टक्कर खुलकर सामने आ गई।बहरहाल बृजभूषण चुनाव जीत | इसके बाद दोनों पक्षों में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया |
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2009 में बृजभूषण सपा में शामिल हुए और फिर कैसरगंज सीट से चुनाव जीत गए। उधर रिजवान 2004 के बाद कोई चुनाव नहीं जीत सके और जेल जाने के बाद उनकी सियासी पकड़ कमजोर पड़ गई।
इसके बाद उनकी बेटी जेबा ने राजनीतिक विरासत संभाली, लेकिन दो विधानसभा चुनाव हार गईं। अब रमीज नेमत इस राजनीतिक विरासत को आगे ले जाने की कोशिश में जुटे हैं।
फिरोज पप्पू हत्या मामला
2022 में तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन और बृजभूषण के करीबी फिरोज पप्पू की हत्या के मामले ने तनाव को चरम पर पहुँचा दिया। इस हत्या में रमीज नेमत और उनकी पत्नी जेबा दोनों आरोपी बनाए गए। रमीज फिलहाल जमानत पर हैं, इस केस में 20 नवंबर को फैसला आने वाला है | हत्या केस के बाद रमीज की सक्रिय राजनीति ठंडी पड़ गई और वह तेजस्वी यादव के सलाहकार के रूप में पटना में सक्रिय हो गए।
रमीज का भविष्य का सियासी लक्ष्य?
आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, माना जा रहा है कि रमीज अब तेजस्वी के सहारे अखिलेश यादव के करीब होने की कोशिश कर रहे हैं और 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा टिकट की तैयारी में जुटे हैं।



