न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके की जांच में बड़ा विकास सामने आया है। सुरक्षा बलों ने मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी के पुलवामा स्थित घर को विस्फोटक से ध्वस्त कर दिया है। यह ऑपरेशन देर रात चलाया गया।
गौरतलब है कि सोमवार रात लाल किले के पास एक विस्फोटक से भरी हुंडई i20 कार में विस्फोट हुआ, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे। शुरुआती जांच में पता चला था कि कार चलाने वाला व्यक्ति डॉ. उमर नबी ही था। विस्फोट स्थल से मिले डीएनए सैंपल को उनकी मां के डीएनए से मैच कराने के बाद उसकी पहचान की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई।
कट्टरपंथ की ओर झुकाव, सोशल मीडिया से मिले सुराग
जांच में सामने आया है कि उमर नबी बीते दो वर्षों में कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हो गया था। वह सोशल मीडिया पर सक्रिय था और कई कट्टरपंथी मैसेजिंग ग्रुप्स से जुड़ा हुआ था।
#WATCH | | Delhi terror blast case: The residence of Dr Umar Un Nabi, accused in the Red Fort blast, has been demolished in Pulwama, Jammu and Kashmir. pic.twitter.com/gqvm7iwPBe
— ANI (@ANI) November 14, 2025
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मामले से जुड़े अंतर-राज्यीय ‘व्हाइट कॉलर’ आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए कई व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों ने काजीगुंड निवासी डॉ. मुजफ्फर के खिलाफ इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में तीन डॉक्टर शामिल हैं। इनमें से एक डॉ. अदील का भाई बताया जा रहा है।
डॉ. मुजफ्फर का कनेक्शन और विदेश भागने की जानकारी
जांचकर्ताओं के अनुसार, गिरफ्तार आठ में से सात आरोपी कश्मीर के रहने वाले हैं। इसके साथ ही यह भी पता चला है कि डॉ. मुजफ्फर वर्ष 2021 में मुजम्मिल गनई और उमर नबी के साथ तुर्की की यात्रा पर गया था।
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पुलिस द्वारा उसकी तलाश शुरू करने पर पता चला कि वह अगस्त में देश छोड़कर दुबई चला गया था और फिलहाल माना जा रहा है कि वह अफ़गानिस्तान में छिपा हुआ है।
अल फलाह यूनिवर्सिटी पर शिकंजा
दिल्ली धमाके के बाद केंद्र सरकार ने हरियाणा स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी के सभी रिकॉर्ड का फोरेंसिक ऑडिट करने का आदेश दिया है। साथ ही ED और अन्य वित्तीय जांच एजेंसियों को संस्था के वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया गया है।
यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया, जिसमें 10 नवंबर को हुए लाल किला ब्लास्ट की प्रगति की समीक्षा की गई। इस विस्फोट में 13 लोगों की मौत हुई थी।
इसी बीच, भारतीय विश्वविद्यालय संघ (AIU) ने भी अल फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता निलंबित कर दी है। AIU की महासचिव पंकज मित्तल ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की सदस्यता केवल तभी कायम रहती है, जब वह संगठन के नियमों के अनुसार “अच्छी स्थिति” में बना रहे।



