यूपी पंचायत चुनाव से पहले 750 ग्राम पंचायतों में योगी सरकार शुरू करने जा रही यह बड़ी पहल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों से पहले योगी सरकार ने ग्रामीण विकास को लेकर बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार अब प्रदेश की 750 ग्राम पंचायतों को मॉडल विकास केंद्र के रूप में विकसित करने जा रही है।

इसके लिए पंचायती राज विभाग ने सोमवार को प्रदेश के छह प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह पहल राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए लागू की जाएगी।

छह विश्वविद्यालय करेंगे सरकार की मदद

जिन विश्वविद्यालयों के साथ यह एमओयू हुआ है, उनमें शामिल हैं —

  1. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी
  2. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU), अलीगढ़
  3. लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ
  4. बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी
  5. डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या
  6. डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा

ये विश्वविद्यालय पंचायती राज विभाग के साथ मिलकर मॉडल ग्राम पंचायत विकास योजनाएं तैयार करेंगे।

योजनाओं की गुणवत्ता और क्रियान्वयन पर होगा फोकस

पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक और तकनीकी विशेषज्ञता को पंचायत स्तर की योजना निर्माण प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा।

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उन्होंने कहा —“विश्वविद्यालयों से ग्राम पंचायतों का जुड़ाव योजनाओं की गुणवत्ता को बढ़ाएगा, जिससे सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप समेकित योजनाएं बनाई जा सकें।” इससे ग्राम पंचायतों में बेहतर आजीविका, सुशासन और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी मदद मिलेगी।

पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज़

राज्य में पंचायत चुनाव अप्रैल-मई 2026 में प्रस्तावित हैं। वर्ष 2021 में हुए पंचायत चुनाव में लगभग 12.45 करोड़ मतदाता शामिल थे।

सूत्रों के अनुसार, इस बार कई जिलों की वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों और नामों के दोहराव की जांच की जा रही है। जिन जिलों में एक ही नाम बार-बार दर्ज पाया गया है, वहां सुधार अभियान चलाया जाएगा।

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