न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश सरकार जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को और आसान व पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब जमीनों के सर्किल रेट तय करने के नियमों में बदलाव किया जाएगा। इससे आम जनता को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा और स्टांप चोरी जैसे मामलों में भी कमी आएगी।
स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि सरकार जल्द ही इस संबंध में शासनादेश (GO) जारी करेगी।
क्या है सर्किल रेट बदलाव की नई व्यवस्था?
- अभी तक 40 से अधिक मानकों पर सर्किल रेट तय किए जाते थे, जिसे घटाकर 15-20 मापदंडों तक सीमित किया जाएगा।
- नई व्यवस्था में मुख्यमार्ग से दूरी जैसी बारीकियों के आधार पर सर्किल रेट में अंतर होगा।
- उदाहरण: अब हजरतगंज (लखनऊ) की मुख्य सड़क और उसके भीतर की गली की जमीन का समान रेट नहीं होगा।
- कोई भी व्यक्ति अब ऑनलाइन अपनी जमीन का सर्किल रेट जान सकेगा। इसके लिए स्टांप विभाग की वेबसाइट पर विवरण भरना होगा।
रजिस्ट्री के लिए खुद बुक कर सकेंगे स्लॉट
मंत्री जायसवाल ने कहा कि लोग अब खुद ही ऑनलाइन स्लॉट बुक कर मध्यस्थों की जरूरत के बिना रजिस्ट्री करा सकेंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों की सुविधा में भी इजाफा होगा।
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राज्यभर में सर्किल रेट में आएगी एकरूपता
आईजी स्टांप एवं पंजीयन नेहा शर्मा ने कहा कि अब तक हर जिले में सर्किल रेट का फॉर्मेट अलग-अलग था। नई प्रणाली के लागू होने से प्रदेश भर में एक समान प्रणाली लागू होगी, जिससे भ्रामक स्थितियां खत्म होंगी।
स्टांप शुल्क की गणना भी कर सकेंगे ग्राहक
नई व्यवस्था के तहत ग्राहक खुद यह गणना कर सकेंगे कि रजिस्ट्री पर कितना स्टांप शुल्क देना होगा। इससे एजेंट्स की अनावश्यक भूमिका खत्म होगी और स्टांप चोरी के मामले भी रुकेंगे।
31 अक्तूबर तक रजिस्ट्री कार्यालय खुलेंगे शाम 6 बजे तक
दीपावली के त्योहार को देखते हुए सरकार ने सभी रजिस्ट्री कार्यालयों को 31 अक्तूबर तक शाम 6 बजे तक खुला रखने का आदेश दिया है।
इस दौरान:
- ऑनलाइन और नकद दोनों माध्यमों से स्टांप पेपर की खरीद और शुल्क का भुगतान किया जा सकेगा।
- यह निर्णय रजिस्ट्री की बढ़ती संख्या को देखते हुए लिया गया है, ताकि जनता को कोई असुविधा न हो।
‘ईज ऑफ लिविंग’ की दिशा में बड़ा कदम
यह पूरी पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘ईज ऑफ लिविंग’ विजन का हिस्सा है,जिसका उद्देश्य आम लोगों के जीवन को सरल, डिजिटल और पारदर्शी बनाना है।



