लाइफस्टाइल/सर्वोदय न्यूज़:- आज की कॉरपोरेट लाइफस्टाइल में रोज़ाना 8 से 12 घंटे तक लगातार बैठकर काम करना आम बात हो गई है। लेकिन हालिया रिसर्च बताती हैं कि रोज़ाना 6 घंटे से ज्यादा बैठना शरीर को चुपचाप बीमारियों का घर बना सकता है। ऑफिस में बैठकर काम करना, ट्रैफिक में बैठना, फिर घर आकर टीवी देखना. ये सब मिलाकर हम दिन में 10 से 12 घंटे तक बैठे ही रहते हैं. बतादें कि बैठना भले ही आरामदायक लगता हो, लेकिन रिसर्च बताती हैं कि यह आदत हमारे शरीर को धीरे-धीरे बीमारियों की ओर धकेल रही होती है . ज्यादा देर तक बैठना न केवल वजन बढ़ाता है, साथ ही दिल की बीमारियों, डायबिटीज, कैंसर और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है. अगर आप भी दिनभर बैठकर काम करते हैं, तो आपको इस बात का ध्यान जरुर देना बीच -बीच में ब्रेक जरूर लेने चाहिए, ताकि सेहत में कोई समस्या ना हो |
रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादा देर तक बैठने से शरीर की कैलोरी जलाने की क्षमता कम हो जाती है। इससे वज़न बढ़ना, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल लेवल असामान्य हो सकते हैं। बतादें कि लंबे समय तक बैठने से ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है, जिससे ब्लड क्लॉट, हार्ट अटैक और हाई बीपी का खतरा बढ़ता है।इतना ही नहीं लगातार बैठे रहने से स्पाइन और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे पीठ दर्द, गर्दन की अकड़न और जोड़ों की जकड़न जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। यही नहीं ज्यादा देर तक बैठने से एंडोर्फिन और डोपामिन जैसे हैप्पी हार्मोन कम बनने लगते हैं, जिससे मूड स्विंग, तनाव, थकान और यहां तक कि डिप्रेशन तक हो सकता है।
यह मान लेना गलत है कि सुबह या शाम की थोड़ी बहुत एक्सरसाइज से बैठने का नुकसान खत्म हो जाएगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि दिनभर की लो-इंटेंसिटी मूवमेंट भी जरूरी है।
बतादें कि इससे बचने ले लिए बचाव के लिए हर 30-60 मिनट में उठकर थोड़ा चलें या स्ट्रेचिंग करें|सीढ़ियों का इस्तेमाल करें, कॉल करते वक्त चलते हुए बात करें, स्टैंडिंग डेस्क का इस्तेमाल करें, लंच और डिनर के बाद 10 मिनट की वॉक जरूर करें , गाड़ी दूर पार्क करें, लिफ्ट की बजाय सीढ़ियां चुनें , रोजाना कम से कम 60-75 मिनट की शारीरिक गतिविधि करें |



