न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खां ने अपनी जेल से रिहाई के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव के प्रति वफादारी और भरोसे का इज़हार करते हुए उन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है, जिनमें उनके बसपा में शामिल होने की बातें की जा रही थीं।
“अखिलेश मेरे अजीज हैं, मैं उनकी सरकार चाहता हूं” — आजम खां
सीतापुर जेल से रिहाई के बाद मीडिया से बात करते हुए आजम खां ने कहा:”अखिलेश मेरे अजीज हैं। नेताजी (मुलायम सिंह यादव) की औलाद हैं। मैं उनका भला और उनकी सरकार चाहता हूं।”
उन्होंने यह भी कहा कि “मैं बिकाऊ माल नहीं हूं”, और बसपा ज्वॉइन करने की चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया।
बसपा में शामिल होने की अफवाहें क्यों फैलीं?
आजम खां की जेल से रिहाई के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि वे समाजवादी पार्टी से नाराज हैं और अब बहुजन समाज पार्टी (BSP) का रुख कर सकते हैं। चर्चा थी कि वे 9 अक्टूबर को बसपा की रैली में शामिल हो सकते हैं। कुछ इशारों से बातें और बयान भी इन अटकलों को हवा दे रहे थे, लेकिन अब उन्होंने खुद सामने आकर स्पष्ट कर दिया कि ऐसी बातों में कोई सच्चाई नहीं है।
“अब मोबाइल भी चलाना भूल गया हूं”
जब आजम खां से पूछा गया कि क्या अखिलेश यादव का फोन आया था, तो उन्होंने इशारों में बात करते हुए कहा:”मुझे पूरी दुनिया में सिर्फ एक नंबर याद था — मेरी बीवी का। अब वो भी भूल गया हूं। अब तो मोबाइल चलाना भी भूल गया हूं।”
“मैं कोई बड़ा नेता नहीं, बड़ा …”
सपा के किसी बड़े नेता के मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा:”मैं बड़ा नेता नहीं हूं, मैं बड़ा खादिम हूं।” जब उनसे सरकार बनने के बाद मुकदमे वापसी के अखिलेश यादव के ऐलान पर सवाल किया गया, तो उन्होंने जवाब दिया: “शायद इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर मुकदमों में दम होता तो मैं यहां नहीं होता।”
“मैं टिकट कटवाने की हैसियत में नहीं हूं”
एसटी हसन का टिकट कटवाने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया:”मेरी इतनी हैसियत नहीं कि मैं किसी का टिकट कटवाऊं। मैं अपने यहां टिकट नहीं दिलवा सका, उनका कैसे कटवा सकता हूं।”



