Wednesday, June 17, 2026

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दिल्ली में छात्राओं से यौन उत्पीड़न का आरोपी चैतन्यनंद फरार, फर्जी UN नंबर प्लेट लगाकर ऐश की कोशिश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दिल्ली के एक प्रतिष्ठित प्राइवेट मैनेजमेंट संस्थान से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है| दिल्ली के एक प्राइवेट मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट में 17 लड़कियों के साथ गंदी हरकतें करने का आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती फरार हो गया है । अभी तक पुलिस जांच में सामने आया है कि चैतन्यानंद उर्फ पार्थ सारथी यूपी में कहीं छिपा हो सकता है।वह भी इसलिए कि उसका आखिरी लोकेशन आगरा में पाया गया है। पुलिस सर्विलांस और इंटेलिजेंस के सहारे गिरफ्तारी की कोशिश में जुटी है। आरोपी पर ना सिर्फ लड़कियों से छेड़छाड़ का केस दर्ज किया गया है, बल्कि वह ‘यूनाडेट नेशंस वाली ऐश’ का इच्छुक भी पाया गया और इसके लिए उसने फर्जी नंबर का जुगाड़ किया था।

चैतन्यानंद सरस्वती की कुंडली विवादों और गंभीर आरोपों से भरी हुई है। बतादें कि वर्ष 2009 में पहली बार बाबा का नाम विवादों में आया था। तब दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी में बाबा पर धोखाधड़ी और छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद 2016 में भी चैतन्यानंद गलत वजहों से सुर्खियों में आया। तब भी इसी इंस्टीट्यूट में पढ़ने वाली एक लड़की ने उस पर छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया था। तब उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी। एक बार फिर इसी तरह के केस में घिरने के बाद चैतन्यानंद की पुरानी फाइल्स को भी खंगाला जा रहा है।

आपको बतादें कि श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट में ईडब्ल्यूएस, स्कॉलरशिप के तहत पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट कोर्स की कुछ छात्राओं ने पिछले दिनों चैतन्यानंद पर गंभीर आरोप लगाए थे । इसके बाद संस्थान के प्रशासक की ओर से वसंत कुंज पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।

आपको बता दें कि जब तक पुलिस उसे गिरफ्तार कर पाती, आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने जब पीजीडीएम कोर्स की 32 लड़कियों से पूछताछ की तो इसमें से 17 ने उस पर अश्लील वॉट्सऐप मैसेज भेजने और गलत तरीके से शारीरिक संपर्क बनाने के आरोप लगाए हैं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, संस्थान के कुछ अन्य लोग भी गिरफ्तार हो सकते हैं। पीड़ित लड़कियों का आरोप है कि इंस्टीट्यूट के कुछ स्टाफ उन पर चैतन्यानंद की गलत हरकतों को बर्दाश्त करने का दबाव बनाते थे।

चैतन्यानंद के खिलाफ प्रशासक पीए मुरली ने 4 अगस्त को मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 75 (2), 79 और 351 (2) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने संस्थान में लगे कई सीसीटीवी के फुटेज जांचे हैं और डिजिटल सबूतों को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब में भेजा गया है। 16 पीड़िताओं के बयान भी पटियाला हाउस कोर्ट में दर्ज कराए गए हैं।

जानकारी के अनुसार जांच के दौरान पुलिस ने इंस्टीट्यूट के बेसमेंट में खड़ी एक लग्जरी वॉल्वो कार भी बरामद की है। जिस पर एक फर्जी यूएन डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगा है। इस पर 39 UN 1 लिखा है। कार को जब्त करके 25 अगस्त को एक अलग मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें बीएनएस की धारा 345 (3), 318 (4), 336 (3) और 340 (2) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस कार के जरिए वह कुछ लाभ उठा रहा था?

संस्थान के संस्थापक श्री श्री जगद्गुरु शंकराचार्य महासंस्थानम्, दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम्, श्रृंगेरी ने एक बयान जारी करके कहा है कि स्वामी चैतन्यनंद सरस्वती उर्फ स्वामी पार्थसारथी के अवैध और अनुचित कृत्यों से, उनकी संस्था का कोई संबंध नहीं है और संस्था ने उससे सभी संबंध समाप्त कर दिए गए हैं।

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