न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अमेठी जिले के लोगों का 45 साल पुराना सपना आखिरकार साकार हो गया। मंगलवार को तिलोई के गोबरे गांव में बने नए मेडिकल कॉलेज को 50 एमबीबीएस सीटों के लिए आधिकारिक मान्यता मिल गई है। इसी सत्र (2025-26) से मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि बाकी बची 50 सीटों के लिए प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी, जिससे कुल क्षमता 100 तक पहुंचे।
1983 से 2025 तक: 42 साल लंबा इंतज़ार
आपको बतादे कि वर्ष 1983: पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने मुंशीगंज में मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया था| लेकिन जमीन उपलब्ध होने के बावजूद कॉलेज कभी बन नहीं पाया। वर्ष 2020 में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के प्रयासों से तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने तिलोई में मेडिकल कॉलेज को मंजूरी दी। वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 जनवरी को कॉलेज का शिलान्यास किया। अब 42 साल के इन्तजार के बाद वर्ष 2025में 50 सीटों की आधिकारिक मान्यता मिल गई। आखिरकार सपना पूरा हो ही गया|
तिलोई में मेडिकल कॉलेज बन जाने के बाद लोगों को इलाज के लिए लखनऊ तक की दूरी नहीं तय करनी पड़ेगी। इससे ना सिर्फ उनके समय की बचत होगी बल्कि नजदीक ही अच्छा इलाज उन्हें उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को भी नजदीक ही सरकारी कॉलेज में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
स्मृति ने प्रधानमंत्री को दिया धन्यवाद
देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर अमेठी वासियों की चार दशकों की प्रतीक्षा पूर्ण होना सुखद और ऐतिहासिक है। तिलोई मेडिकल कॉलेज न सिर्फ अमेठी के लोगों को आरोग्य का वरदान प्रदान करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर तमाम तरह से रोजगार की नई संभावनाओं का सृजन भी करेगा। मेडिकल कॉलेज से निकले डॉक्टर पूरे देश में अपनी सेवाओं से लोगों को लाभान्वित करेंगे।
स्मृति ईरानी ने कहा कि सांसद होने के नाते अपने कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को संभव करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। 200 बेड के अस्पताल, जिला अस्पताल में तमाम सुविधाओं की बढ़ोतरी, सैकड़ों जन आरोग्य केंद्रों के साथ अब मेडिकल कॉलेज की सुविधा मिलने से अमेठी के आम जन को बड़ा लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि अमेठी का प्रत्येक नागरिक जानता है कि किस तरह चार दशकों तक मेडिकल कॉलेज के लिए संघर्ष किया गया। मेडिकल कॉलेज के नाम पर जमीनें अधिग्रहित हुईं लेकिन कॉलेज नहीं बन सका। आज प्रधानमंत्री ने 50 सीटों की मान्यता देकर अमेठी को मेडिकल हब बनाने की दिशा में बड़ी सौगात दी है। यह दिन अमेठी के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो गया है।



