न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या, मथुरा, काशी (वाराणसी) समेत 13 प्रमुख जिलों को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने का बड़ा फैसला लिया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा केंद्र सरकार की ‘स्माइल योजना’ (SMILE Scheme) के तहत इन जिलों में 17 सदस्यीय निगरानी समिति और एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, जो भिखारियों की पहचान, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापना का कार्य करेगी।
कौन-कौन से जिले शामिल हैं?
नीचे सूचीबद्ध जिलों को पहले चरण में भिक्षावृत्ति मुक्त बनाया जाएगा:
| क्रमांक | जिला |
|---|---|
| 1 | अयोध्या |
| 2 | मथुरा |
| 3 | वाराणसी (काशी) |
| 4 | आगरा |
| 5 | लखनऊ |
| 6 | प्रयागराज |
| 7 | गोरखपुर |
| 8 | मेरठ |
| 9 | गाजियाबाद |
| 10 | झांसी |
| 11 | कुशीनगर |
| 12 | कानपुर नगर |
| 13 | गौतमबुद्ध नगर |
योजना का उद्देश्य
- पर्यटन स्थलों की सौंदर्य और सामाजिक छवि को सुधारना
- भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों का पुनर्वास
- नशा मुक्ति, शिक्षा, और कौशल विकास के माध्यम से समाज की मुख्यधारा में लाना
- केंद्र सरकार की SMILE योजना (Support for Marginalised Individuals for Livelihood and Enterprise) का सफल क्रियान्वयन
निगरानी समिति और टास्क फोर्स: संरचना
निगरानी समिति में 17 सदस्य होंगे, जिनमें प्रमुख हैं: जिलाधिकारी (DM) – अध्यक्ष, जिला समाज कल्याण अधिकारी – सदस्य सचिव, जिला विकास अधिकारी, नगरीय विकास अधिकारी, शिक्षा अधिकारी, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी, इत्यादि गैर सरकारी संस्था (NGO) का प्रतिनिधि , टास्क फोर्स इन सदस्यों में से चुने गए अधिकारी होंगे, जो एसओपी (Standard Operating Procedure) के तहत कार्य करेंगे।
SOP के तहत क्या होगा?
- भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों की पहचान और सूची तैयार करना
- उनके स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति और जरूरतों का मूल्यांकन करना
- आश्रय गृह, नशा मुक्ति केंद्र, कौशल विकास केंद्र में भेजना
- स्थायी पुनर्वास योजना तैयार करना – जैसे स्वरोजगार, ट्रेनिंग आदि
- जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को भीख न देने के लिए प्रेरित करना
SMILE योजना क्या है?
SMILE योजना (Support for Marginalised Individuals for Livelihood and Enterprise) केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य: भीख मांगने वाले व्यक्तियों के जीवन स्तर को सुधारना,उन्हें रोजगार और पुनर्वास के माध्यम से सम्मानजनक जीवन देना, मानव तस्करी और सामाजिक बहिष्कार से लड़ना |
अपेक्षित लाभ
धार्मिक और पर्यटन स्थलों की स्वच्छ और व्यवस्थित छवि, शहरी विकास और स्मार्ट सिटी योजनाओं में गति, समाज के वंचित वर्गों का सशक्तिकरण, भिक्षावृत्ति से जुड़े अपराधों पर नियंत्रण मिलेगा |



