न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ‘विमुक्त जाति दिवस’ पर एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार विमुक्त और घुमंतू जातियों के लिए विशेष बोर्ड का गठन करेगी। साथ ही, इन समुदायों के लिए निवास कॉलोनियों और आवासीय मकानों की योजना पर भी तेजी से कार्य होगा।
लखनऊ में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि नट, बंजारा, बावरिया, सासी, कंजड़, कालबेलिया, सपेरा और जोगी जैसी जातियां भारत के इतिहास में योद्धाओं की भूमिका निभा चुकी हैं, लेकिन अंग्रेजों ने इनका पराक्रम दबाने के लिए 1871 में ‘क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट’ लागू कर इन्हें जन्म से अपराधी घोषित कर दिया था। आजादी के बाद 1952 में बाबा साहब अंबेडकर के प्रयासों से इस कलंक से मुक्ति मिली।
विशेष योजनाएं होंगी लागू
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में इन जातियों को शिक्षा, आवास और सामाजिक सुरक्षा देने के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया:
- 9 ज़िलों में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं
- 2 नए आश्रम पद्धति विद्यालय शुरू हो चुके हैं
- 101 आवासीय विद्यालय पहले से कार्यरत हैं
- 264 अनुसूचित जाति छात्रावासों में विशेष सुविधा दी जा रही है
योगी ने यह भी कहा कि वनटांगिया, मुसहर, कोल, थारू, चेरो और सहरिया जैसे समुदायों को पहले ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा चुका है, और अब विमुक्त जातियों को भी भूमि के पट्टे, मतदान का अधिकार और सरकारी लाभ दिया जाएगा।
सरकारी नौकरियों में बढ़ रहा प्रतिनिधित्व
सीएम योगी ने बताया कि पुलिस भर्ती में घुमंतू जातियों के कई युवाओं का चयन हुआ है, जो सरकार की निष्पक्ष नीति को दर्शाता है। इसी मंच से उन्होंने समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण को निर्देश दिया कि विमुक्त जातियों के लिए अलग बोर्ड का गठन जल्द किया जाए।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, असीम अरुण, नरेंद्र कश्यप, संजीव गौड़, बैजनाथ रावत, और अन्य प्रमुख नेता मौजूद रहे।



