न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- PM JanDhan Yojana के तहत आज़ादी के 11 साल पूरे हो गए हैं। यह योजना देश के आर्थिक और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए 2014 में शुरू की गई थी। इस योजना के तहत अब तक 56.16 करोड़ बैंक खातों की संख्या हो चुकी है, और 2.68 लाख करोड़ रुपये खातों में जमा किए गए हैं। जनधन योजना न केवल गरीब और वंचित वर्ग को बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करती है, बल्कि इसके तहत कई लाभकारी सुविधाएँ भी दी जाती हैं, जिनमें ओवरड्राफ्ट सुविधा भी शामिल है। आइए, जानते हैं इस सुविधा के बारे में विस्तार से।
क्या है ओवरड्राफ्ट लिमिट?
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत अब लाभार्थी ₹10,000 तक का ओवरड्राफ्ट सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसका मतलब है कि यदि आपके खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं है, तो भी आप एक सीमित राशि तक पैसे निकाल सकते हैं या लेन-देन कर सकते हैं। यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जिनके पास इमरजेंसी में पैसे की आवश्यकता होती है, लेकिन खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं होता।
जनधन योजना के अन्य लाभ
- प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत लाभार्थियों को 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर मिलता है।
- इसके साथ ही हर लाभार्थी को रुपे डेबिट कार्ड भी दिया जाता है, जिससे वे नकदी रहित लेन-देन कर सकते हैं।
- इन खातों के माध्यम से कई योजनाओं का लाभ उठाया जा सकता है, जैसे प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, और मुद्रा योजना।
आंकड़ों पर एक नजर
वित्त मंत्रालय ने हाल ही में जानकारी दी कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खातों की संख्या मार्च 2015 के 14.72 करोड़ से बढ़कर 56.16 करोड़ हो गई है। इनमें से 56% खाताधारक महिलाएं हैं और 67% खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से अब तक 45 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों के खातों में सीधे ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
रुपे डेबिट कार्ड की सुविधा
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 38.68 करोड़ रुपे डेबिट कार्ड जारी किए गए हैं, जिससे लाभार्थियों को नकदी रहित लेन-देन की सुविधा मिली है। इसके साथ ही दुर्घटना बीमा कवर भी दिया गया है। इस योजना के माध्यम से आम नागरिक को डिजिटल भुगतान की दिशा में कदम बढ़ाने की प्रेरणा मिली है।



