लाइफस्टाइल /सर्वोदय न्यूज़:- क्या आपने कभी सोचा है कि कलयुग का अंत कैसे होगा? क्या सच में भगवान विष्णु कल्कि अवतार लेकर आएंगे और पापियों का अंत करेंगे? इस युग के समापन को लेकर संत प्रेमानंद महाराज ने भविष्य में घटने वाली घटनाओं का विस्तार से वर्णन किया है। उन्होंने वेद-पुराणों के आधार पर बताया कि जैसे-जैसे कलयुग अपने चरम पर पहुंचेगा, वैसे-वैसे समाज में असंतुलन और अधर्म बढ़ता जाएगा।
प्रेमानंद महाराज के अनुसार, कलयुग की कुल अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष मानी गई है। इस युग को चारों युगों में सबसे अधर्म प्रधान और पतनकारी युग कहा गया है। संत के अनुसार, जैसे-जैसे यह युग आगे बढ़ेगा:
- पापाचार और हिंसा बढ़ेगी
- समाज में धोखा, छल और कपट आम हो जाएगा
- लोग सच्चाई और धर्म से भटकते चले जाएंगे
- आध्यात्मिकता कम होगी और भौतिकता हावी हो जाएगी
कलयुग के चरम पर क्या होगा?
संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि जब कलयुग अपने चरम पर होगा, तब निम्नलिखित स्थितियाँ देखने को मिलेंगी:
- झूठ, मोह, शोक और कलह चरम सीमा पर होंगे
- महिलाओं का शारीरिक आकार छोटा हो जाएगा और वे मर्यादा से दूर होंगी
- समाज में पाखंडियों का बोलबाला होगा
- लोग भूख से तड़पेंगे और जीवन संकट में पड़ जाएगा
- अपराध, चोरी, दुष्कर्म जैसी घटनाओं में भारी वृद्धि होगी
- लोग कामवासना में लिप्त होकर नकली प्रेम का दिखावा करेंगे
क्या कलयुग में भी मिलेगी मुक्ति?
इस प्रश्न पर महाराज का स्पष्ट उत्तर है – “हां, लेकिन शर्त है कि व्यक्ति ईश्वर का स्मरण करे।” उन्होंने कहा कि इस युग में सिर्फ भगवान का नाम जपने मात्र से ही मनुष्य अपने पापों से मुक्ति पा सकता है। जैसे-जैसे युग अपने अंत की ओर बढ़ेगा, वैसे-वैसे महाप्रलय का दौर आएगा, जिसमें सूखा, अकाल और विनाश के दृश्य देखने को मिलेंगे।
कल्कि अवतार और सतयुग की वापसी
महाराज के अनुसार, जब धरती पर अधर्म अपनी चरम सीमा पर पहुंच जाएगा, तब भगवान विष्णु कल्कि अवतार में प्रकट होंगे। वे दुष्टों का नाश करेंगे और पुनः सतयुग की स्थापना करेंगे। यही होगा कलयुग का पूर्ण अंत और एक नए युग की शुरुआत।



