बाराबंकी/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कोटवाधाम तक जाने वाली रोडवेज बस सेवा लंबे समय से बंद पड़ी है, जिससे यहां आने वाले हजारों तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
सार्वजनिक परिवहन की सुविधा न होने के कारण यात्री निजी वाहनों, टैक्सियों और डग्गामार साधनों पर निर्भर हैं, जिससे यात्रा न केवल महंगी हो गई है बल्कि कई बार असुरक्षित भी साबित होती है।
श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ी, गर्मी में मुश्किलें दोगुनी
गर्मियों के इस मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। विशेष रूप से बुजुर्गों और महिलाओं को पैदल या ऑटो से सफर करना कठिन हो रहा है।
स्थानीय निवासी राजेश शर्मा ने बताया, “कोटवाधाम एक प्रमुख धार्मिक तीर्थ है, लेकिन यहां तक सीधी बस सेवा का न होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। हर दिन सैकड़ों श्रद्धालु यहां आते हैं, लेकिन कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है।”
15 साल पहले चलती थी बस, अब यात्री विवश
जानकारी के अनुसार, करीब 15 वर्ष पहले कोटवाधाम से लखनऊ तक सीधी बस सेवा संचालित होती थी, जिसे अचानक बंद कर दिया गया। तब से अब तक परिवहन विभाग ने इस रूट पर किसी भी बस का संचालन नहीं किया है।
कोटवाधाम से कोटवा सड़क की दूरी 17 किलोमीटर है, जो लखनऊ-अयोध्या राजमार्ग से सीधा जुड़ा हुआ है। साथ ही नजदीकी रेलवे स्टेशन सैदखानपुर से भी यहां पहुंचना आसान है। बावजूद इसके, सरकारी बस सेवा बंद होने से यात्रियों को निजी वाहनों से महंगे किराए में यात्रा करनी पड़ रही है।
धार्मिक और पर्यटन महत्व की अनदेखी
कोटवाधाम, सतनामी संप्रदाय के आदि प्रवर्तक स्वामी जगजीवन साहब की तपोस्थली है। यहां प्रति वर्ष देशभर से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने की जो बातें की जाती हैं, वे सिर्फ कागज़ों तक सीमित हैं। श्री कोटवाधाम तीर्थ जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल तक सीधी परिवहन सुविधा का न होना इसकी पुष्टि करता है।
ग्रामीण इलाकों को भी होगा लाभ
यदि कोटवाधाम से कोटवासड़क होकर लखनऊ व जिले तक बस सेवा शुरू होती है, तो इससे सिर्फ श्रद्धालु ही नहीं, बल्कि अद्रा, अमनियापुर, चिकापुर, धामापुर, खजुरी चौराहा, इटौरा, कमोली, जगदीशपुर, उटवा, अकबरपुर, सैदखानपुर, गाजीपुर, हौंधा, स्टेट शुकन पूरवा, पूरे पाठक, मिश्रिकपूरवा जैसे दर्जनों गांवों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
प्रशासन से मांग और संभावनाएं
स्थानीय सामाजिक संगठनों और व्यापारियों ने सरकार और परिवहन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द कोटवाधाम तक नियमित रोडवेज बस सेवा शुरू की जाए। इससे तीर्थयात्रियों को राहत मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
एआरएम रोडवेज, जमीला खातून ने बताया,
“फिलहाल अनुबंधित बसों की संख्या कम है। जैसे ही नए अनुबंध होंगे, कोटवाधाम के लिए बस सेवा शुरू करने पर विचार किया जाएगा।”



