CJP 2.0 की आगे क्या होगी रणनीति? अभिजीत दीपके ने किया बड़ा ऐलान, बोले…

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की रिहाई के बाद अब आंदोलन की अगली रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दिल्ली पुलिस की हिरासत से बाहर आने के बाद दीपके ने साफ किया कि पार्टी के दो अन्य प्रमुख सदस्यों सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई के बाद सभी लोग एक साथ बैठकर आगे की योजना बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हालिया गिरफ्तारियों से उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उनका आंदोलन जारी रहेगा।

सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई का इंतजार

अभिजीत दीपके ने रविवार को कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका के जेल से बाहर आने के बाद सीजेपी के सदस्य बैठक करेंगे। इसी बैठक में आंदोलन की आगे की दिशा और रणनीति पर फैसला लिया जाएगा।

दीपके ने कहा कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं और यह एक लंबी लड़ाई है, जिसके लिए वे तैयार हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सौरव दास और आशुतोष रांका भी जल्द रिहा हो जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वह कुछ कानूनी मामलों पर चर्चा करने जा रहे हैं।

क्या है CJP 2.0 का पूरा मामला?

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अभिजीत दीपके ने अपने आंदोलन को ‘CJP 2.0’ नाम दिया था। इसी अभियान के तहत कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे थे।

बीते 13 अक्टूबर को सीजेपी के 14 कार्यकर्ता जंतर-मंतर पहुंचे थे। इनमें सौरव दास और आशुतोष रांका भी शामिल थे। पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रवेश को लेकर निर्धारित प्रतिबंधों और बैरिकेडिंग के बावजूद प्रदर्शनकारी एक निजी परिसर के रास्ते अंदर पहुंचे थे। इस मामले में कनॉट प्लेस और संसद मार्ग पुलिस थानों में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए।

प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया गया

शुक्रवार को दिल्ली के झंडेवालान स्थित अपने घर से निकलने के बाद अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। वह सीजेपी के ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे।

दीपके पर आरोप था कि उन्होंने 10 अक्टूबर को दिए गए शांति बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया। इसी आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। हालांकि, शनिवार को उनकी रिहाई हो गई।

दूसरी ओर, सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर पर कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की बात सामने आई है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद आंदोलन की दिशा पर नजर

सीजेपी के प्रमुख सदस्यों की गिरफ्तारी और हिरासत के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि पार्टी अपने आंदोलन को किस तरह आगे बढ़ाएगी। अभिजीत दीपके के बयान से स्पष्ट है कि फिलहाल अगला फैसला दोनों साथियों की रिहाई और कानूनी पहलुओं पर चर्चा के बाद लिया जाएगा।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई के बाद सीजेपी अपनी रणनीति में बदलाव करती है या मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन को और तेज करती है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest Articles