कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को लेकर अब विरोध के स्वर भी तेज होने लगे हैं। नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करने वाली अभिनेत्री पूनम पांडे ने अब CJP के मौजूदा आंदोलन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को अनुचित बताते हुए कहा कि इस तरह देश नहीं चलाया जा सकता।
जंतर-मंतर पर समर्थन, अब आंदोलन पर सवाल
नीट पेपर लीक के खिलाफ जून-जुलाई में हुए प्रदर्शन के दौरान कई लोगों ने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई थी। इसी दौरान अभिनेत्री पूनम पांडे भी जंतर-मंतर पहुंची थीं। उन्होंने छात्रों के मुद्दों पर सरकार से ध्यान देने की अपील की थी।
हालांकि, अब CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग किए जाने पर पूनम पांडे ने नाराजगी जाहिर की है। उनके बयान के बाद आंदोलन को लेकर बहस और तेज हो गई है।
‘आधे लोगों को पता भी नहीं कि वे क्यों लड़ रहे हैं’
पूनम पांडे ने आंदोलन में शामिल लोगों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई लोगों को यह तक नहीं पता कि वे किस मुद्दे के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, देश में पहले से ही काफी विवाद और ड्रामा चल रहा है और इस तरह की गतिविधियां देश के लिए ठीक नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करने से पहले मुद्दे की गंभीरता को समझना चाहिए। पूनम पांडे ने इस तरह की मांगों को देश का मजाक उड़ाने जैसा बताया।
‘जिसका मन चाहे, प्रधानमंत्री से इस्तीफा मांगने लगे?’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए पूनम पांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री कोई आम व्यक्ति नहीं हैं, जिनके इस्तीफे की मांग बिना किसी गंभीर आधार के कर दी जाए। उन्होंने सवाल किया कि आखिर इस तरह की मांगों के पीछे क्या तर्क है।
उनके बयान का मुख्य संदेश यही रहा कि राजनीतिक विरोध और आंदोलन के दौरान जिम्मेदारी तथा मुद्दों की समझ जरूरी है। हालांकि, उनके विचारों को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
कनॉट प्लेस में भी CJP के कार्यक्रम का विरोध
दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में CJP की ओर से आयोजित ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम के दौरान भी विरोध देखने को मिला। खबर के मुताबिक, स्थानीय कारोबारियों समेत कई लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली पुलिस के समर्थन में नारे लगाए और CJP के खिलाफ प्रदर्शन किया।
इसी दौरान CJP से जुड़े युवा नेताओं अभिजीत दीपके और नेहा बोरा को कनॉट प्लेस पहुंचने से पहले हिरासत में लिए जाने की बात भी सामने आई। इसके चलते कार्यक्रम में समर्थकों की संख्या कम रहने की खबर है।
CJP के आंदोलन और पूनम पांडे के बयान के बाद राजनीतिक विरोध, प्रदर्शन के तरीकों और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर चर्चा तेज हो गई है।


