न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त इन दिनों अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में शेखर सुमन के शो ‘शेखर टुनाइट’ में बातचीत के दौरान अभिनेता ने देश में शांति और भाईचारे को लेकर अपनी बात रखी थी। उनके बयान के कुछ हिस्से सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। अब संजय दत्त ने अपने बयान को लेकर सफाई दी है।
अभिनेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि उनकी बातों का उद्देश्य किसी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने अपने बयान को एक स्क्रिप्टेड और हास्यपूर्ण बातचीत का हिस्सा बताया।
संजय दत्त ने सोशल मीडिया पर दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद संजय दत्त ने एक्स पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनका इरादा किसी का अपमान करने या किसी की भावनाओं को आहत करने का बिल्कुल नहीं था।
I would like to clarify that it was never my intention to hurt, offend, or disrespect the sentiments of any individual, community, or institution.
My remarks were made in the context of a scripted conversation intended to be light-hearted and humorous. The spirit behind them was similar to the humour and satire seen in films like Munna Bhai, particularly the concept of ‘Gandhigiri,’ which was intended to convey a message of love, warmth, togetherness, and goodwill. Unfortunately, my words were interpreted outside of that intended context.
— Sanjay Dutt (@duttsanjay) October 4, 2026
अभिनेता ने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि बातचीत के दौरान कही गई उनकी बातों को उस संदर्भ से अलग करके देखा गया, जिसमें उन्हें कहा गया था। उनके मुताबिक, उनका मकसद किसी तरह की नाराजगी पैदा करना नहीं था।
‘गांधीगिरी’ के कॉन्सेप्ट से जोड़ा अपना बयान
संजय दत्त ने बताया कि शो में हुई बातचीत पहले से स्क्रिप्टेड थी और उसमें हास्य एवं व्यंग्य का पुट था। उन्होंने इसकी तुलना अपनी चर्चित फिल्म ‘मुन्ना भाई’ की ‘गांधीगिरी’ वाली सोच से की।
अभिनेता ने कहा कि ‘गांधीगिरी’ का मूल संदेश प्यार, अपनापन, एकता और सद्भावना से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से उनकी कही बातों का अर्थ उस संदर्भ से अलग तरीके से लिया गया, जिसमें वह बातचीत हुई थी।
शेखर सुमन के शो में क्या बोले थे संजय दत्त?
दरअसल, शेखर सुमन के शो में संजय दत्त ने देश में भाईचारे और शांति की जरूरत पर बात की थी। उन्होंने भारत के लोगों की मेहमाननवाजी और खुले दिल की तारीफ करते हुए कहा था कि देश में पहले जैसी शांति और सद्भावना बनी रहनी चाहिए।
अभिनेता ने कहा था कि उन्हें अब देश में वह शांति महसूस नहीं होती और उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना की कि अच्छे दिन और भाईचारे का माहौल जल्द लौटे।
संजय दत्त की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक टिप्पणी के तौर पर देखा, जबकि अब अभिनेता ने स्पष्ट किया है कि उनकी बातों को हास्य और व्यंग्य के संदर्भ में समझा जाना चाहिए।
पीएम मोदी के विदेशी दौरों का भी किया था जिक्र
शो के दौरान संजय दत्त ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरों का भी जिक्र किया था। उनकी टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस शुरू हो गई थी। हालांकि, अभिनेता ने अब अपनी सफाई में स्पष्ट किया है कि बातचीत का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को निशाना बनाना नहीं था।
अपने स्पष्टीकरण के जरिए संजय दत्त ने यह बताने की कोशिश की कि शो में कही गई उनकी बातें एक मनोरंजक और स्क्रिप्टेड बातचीत का हिस्सा थीं और उन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।


