सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद ध्वस्तीकरण पर सियासी घमासान, इकरा हसन हाउस अरेस्ट; भारी फोर्स तैनात

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जिला अदालत के फैसले के बाद प्रशासन ने मस्जिद को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इसी बीच कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है।

बताया गया कि इकरा हसन सहारनपुर जाने की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान देर रात बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उनके कैराना स्थित आवास पर पहुंचे और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया। कुछ अन्य नेताओं को भी नजरबंद किए जाने की बात सामने आई है।

इकरा हसन ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह मस्जिद प्रकरण को लेकर अधिकारियों से मुलाकात कर स्थानीय लोगों की समस्याएं उनके सामने रखना चाहती थीं, लेकिन उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को इस तरह रोककर उनकी आवाज दबाने की कोशिश नहीं की जा सकती। सांसद ने सवाल किया कि जनता की समस्याओं को उठाना और अधिकारियों से मुलाकात करना क्या अब अपराध हो गया है।

जिला अदालत ने बरकरार रखा सिटी मजिस्ट्रेट का फैसला

मस्जिद विवाद में चार सितंबर को सहारनपुर जिला जज की अदालत ने मुस्लिम पक्ष की अपील खारिज कर दी। यह अपील सिटी मजिस्ट्रेट के उस आदेश के खिलाफ दाखिल की गई थी, जिसमें मस्जिद को अवैध बताते हुए उसे हटाने का निर्देश दिया गया था।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद जिला अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा।

इससे पहले 17 जुलाई को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। प्रशासन के मुताबिक, अदालत में यह पाया गया था कि मस्जिद सरकारी जमीन पर अवैध रूप से निर्मित थी।

रातभर चली कार्रवाई, सुबह बढ़ाई गई सुरक्षा

जिला अदालत के फैसले के बाद प्रशासन ने रातभर बेदखली और सीलिंग की कार्रवाई की। इसके बाद शनिवार सुबह मस्जिद के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई।

कलेक्ट्रेट परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी के जवानों को भी तैनात किया गया। सुरक्षा कारणों से कलेक्ट्रेट के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए थे।

बताया गया कि 10 से अधिक थानों की पुलिस को इलाके में तैनात किया गया। मस्जिद और आसपास के क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी गई। ध्वस्तीकरण के दौरान प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

ध्वस्तीकरण के बाद मलबा लेकर निकले डंपर

मस्जिद को गिराए जाने के बाद नगर निगम के आधा दर्जन से अधिक डंपर मलबा लेकर कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर निकले। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में पुलिस बल और पीएसी की तैनाती रही।

अधिकारियों का कहना है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है।

प्रशासन ने क्या कहा?

डीआईजी अभिषेक सिंह के मुताबिक, अदालत के आदेश के तहत सभी निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद को सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण माना था। इसके बाद मस्जिद कमेटी की ओर से जिला अदालत में अपील दाखिल की गई, लेकिन अदालत ने उसे खारिज कर दिया।

प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्ट्रेट और आसपास के इलाके में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

इकरा हसन के हाउस अरेस्ट से बढ़ा सियासी विवाद

मस्जिद ध्वस्तीकरण के बीच सांसद इकरा हसन को कथित तौर पर घर से बाहर जाने से रोकने के बाद मामला राजनीतिक रूप से और गरमा गया है। इकरा हसन ने इसे हाउस अरेस्ट बताते हुए प्रशासन पर जनप्रतिनिधि की आवाज रोकने का आरोप लगाया है।

वहीं, प्रशासन की ओर से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उठाए गए कदमों की बात कही जा रही है। फिलहाल सहारनपुर कलेक्ट्रेट और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest Articles