लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा के भीतर संभावित चेहरे को लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं। इस बीच उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मुख्यमंत्री पद की महत्वाकांक्षा से जुड़े अपने पुराने बयान पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला संगठन और पार्टी नेतृत्व करेगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच किसी तरह की दूरी या दीवार नहीं है।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कुछ लोगों ने दोनों नेताओं के बीच दीवार खड़ी करने की कोशिश जरूर की, लेकिन वे और मुख्यमंत्री योगी मिलकर काम कर रहे हैं।
‘जब तक नया फैसला नहीं होता, वही नेतृत्व रहेगा’
मुख्यमंत्री पद को लेकर सवाल पूछे जाने पर डिप्टी सीएम ने कहा कि पार्टी संगठन जो जिम्मेदारी देगा, उसे वह पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि जब तक कोई नया निर्णय नहीं होता, तब तक जो नेतृत्व वर्तमान में है, वही आगे भी रहेगा।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके और योगी आदित्यनाथ के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है। उनके मुताबिक दोनों नेता मिलकर सरकार और संगठन के लिए काम कर रहे हैं।
‘अखिलेश सत्ता में आए तो यूपी में तबाही आएगी’
केशव प्रसाद मौर्य ने इस दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की सत्ता में वापसी उत्तर प्रदेश के लिए तबाही को न्योता देने जैसी होगी।
वहीं आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वह चुनाव जरूर लड़ेंगे। हालांकि, सीट का अंतिम फैसला पार्टी संगठन करेगा।
केशव प्रसाद मौर्य ने सीट को लेकर कहा कि फिलहाल वह खुद को उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों का प्रत्याशी मानते हैं।
पहले मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताने पर क्या कहा था?
दरअसल, इससे पहले एक टीवी इंटरव्यू में केशव प्रसाद मौर्य ने मुख्यमंत्री बनने की अपनी महत्वाकांक्षा को स्वीकार किया था। उन्होंने कहा था कि उनके मन में भी मुख्यमंत्री बनने की इच्छा है, लेकिन सिर्फ उनके चाहने से मुख्यमंत्री का फैसला नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम निर्णय भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व और विधायक दल करता है। उनके अनुसार पार्टी का पहला लक्ष्य विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल करना है।
केशव मौर्य ने यह भी कहा था कि भाजपा ने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की थी और 2027 में भी पार्टी प्रचंड बहुमत के लक्ष्य के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी।
प्रयागराज में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज सर्किट हाउस में भाजपा कार्यकर्ताओं और महानगर के सभी 15 मंडल अध्यक्षों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में अभी से जुटने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय होकर संगठन को मजबूत करना होगा और विपक्ष के कथित मंसूबों को सफल नहीं होने देना है।
केशव मौर्य ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके पास जनता को भ्रमित करने के अलावा कोई ठोस मुद्दा नहीं है।
17 सितंबर से शुरू होगा सेवा पखवाड़ा
बैठक के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा जयंती के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। उन्होंने कहा कि इसी दिन से भाजपा की ओर से सेवा पखवाड़ा अभियान की शुरुआत की जाएगी।
बैठक में काशी क्षेत्र उपाध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता, महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, यमुनापार अध्यक्ष राजेश शुक्ल, गंगापार अध्यक्ष निर्मला पासवान सहित पार्टी के कई पदाधिकारी, विधायक, एमएलसी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


