नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- मधुमेह (डायबिटीज) से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब रोजाना सुबह-शाम इंसुलिन का इंजेक्शन लेने की जरूरत कम हो सकती है। डेनमार्क की दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क (Novo Nordisk) ने भारत में अपना सप्ताह में एक बार लिया जाने वाला बेसल इंसुलिन इंजेक्शन ‘Awiqli’ (अविकली) लॉन्च कर दिया है।
कंपनी के अनुसार, यह भारत में उपलब्ध होने वाला पहला साप्ताहिक बेसल इंसुलिन है। अब तक अधिकांश बेसल इंसुलिन मरीजों को रोजाना लेना पड़ता था, जबकि नई दवा को केवल सप्ताह में एक बार लेने के लिए विकसित किया गया है। इससे लंबे समय तक इंसुलिन पर निर्भर रहने वाले मरीजों के लिए उपचार को अधिक सुविधाजनक बनाने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार इंजेक्शन लगाने की आवश्यकता कम होने से कई मरीजों में उपचार का पालन (Treatment Adherence) बेहतर हो सकता है। इससे इंसुलिन लेने में होने वाली असुविधा भी कम होगी और मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार आने की संभावना है।
हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि यह इंजेक्शन सभी मरीजों के लिए उपयुक्त हो, ऐसा जरूरी नहीं है। मरीजों को अपनी स्वास्थ्य स्थिति, ब्लड शुगर के स्तर और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर ही इस दवा का उपयोग करना चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी इंसुलिन या दवा में बदलाव नहीं करना चाहिए।
भारत दुनिया में सबसे अधिक डायबिटीज मरीजों वाले देशों में शामिल है। ऐसे में सप्ताह में एक बार दिए जाने वाले बेसल इंसुलिन के आने से लाखों मरीजों को उपचार का एक नया विकल्प मिल सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दवा के साथ-साथ संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच और डॉक्टर की सलाह का पालन करना भी डायबिटीज नियंत्रण के लिए उतना ही जरूरी है।



