अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़ : राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की टिप्पणी पर विवाद गहरा गया है। हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी महंत राजू दास ने मौर्य के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि उनमें साहस है तो वे किसी अन्य धर्म पर भी इसी तरह की टिप्पणी करके दिखाएं।
महंत राजू दास ने कहा कि बार-बार सनातन धर्म और हिंदुत्व को निशाना बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार, स्वामी प्रसाद मौर्य केवल हिंदू धर्म पर बयान देते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि हिंदू समाज शांत रहता है। उन्होंने मांग की कि इस तरह की टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
‘मामले को राजनीतिक रंग न दें’
महंत राजू दास ने कहा कि राम मंदिर में दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच जारी है और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने लोगों से इस मुद्दे पर राजनीति न करने की अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि निष्पक्ष जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आएगी।
उन्होंने कहा कि अब तक इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई होने की उम्मीद है।
क्या कहा था स्वामी प्रसाद मौर्य ने?
राम मंदिर दान विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने सवाल उठाया था कि यदि भगवान राम अपने ही मंदिर और वहां रखे गए दान की रक्षा नहीं कर सके, तो वे भक्तों की रक्षा कैसे करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया था कि मंदिर परिसर से करोड़ों रुपये के दान के साथ-साथ सोना-चांदी की भी चोरी हुई है।
मौर्य के इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई संतों और हिंदू संगठनों ने उनके बयान को धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए इसकी आलोचना की है।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
राम मंदिर दान से जुड़ा यह विवाद 7 जून को उस समय सामने आया, जब समाजवादी पार्टी के नेता तेज नारायण ‘पवन’ पांडे ने मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपये की कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। जांच जारी है और प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



