न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले ने देशभर में राजनीतिक और धार्मिक बहस छेड़ दी है। इस बीच इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में हनुमंत कथा कर रहे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कथित आरोपियों पर निशाना साधते हुए कहा कि भगवान के नाम पर किए गए दान में गड़बड़ी करने वालों को कानून के साथ-साथ ईश्वर का भी दंड मिलेगा।
‘रावण का रूप बदल गया है’ : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
जकार्ता में कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि त्रेतायुग में रावण ने माता सीता का हरण किया था, जबकि आज कुछ लोग भगवान के नाम पर श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “रावण का रूप बदल गया है। उस समय माता जानकी का हरण हुआ था, लेकिन अब करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास को ठेस पहुंचाने का प्रयास हुआ है। जो भी भगवान राम के दान में गड़बड़ी करेगा, उसे कानून की सजा के साथ भगवान का महादंड भी मिलेगा।”
#WATCH | Jakarta, Indonesia: On the alleged Ayodhya Ram Mandir donations embezzlement issue, Bageshwar Dham Peethadhish Dhirendra Krishna Shastri says, “Ravana only abducted Mata Janaki, but the faith of lakhs of people has been stolen from the Ram Mandir donation box… I… pic.twitter.com/WZcF1tq7G2
— ANI (@ANI) June 26, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच आगे बढ़ेगी और यदि अन्य लोग दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
दान में कथित गड़बड़ी का मामला क्या है?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े दानपात्र और रसीद व्यवस्था में कथित अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।
एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद राम जन्मभूमि कोतवाली में ट्रस्ट के नवनियुक्त सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है।
8 आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी
एफआईआर दर्ज होने के कुछ घंटों के भीतर पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अनुकल्प मिश्रा, रमाशंकर यादव (टिन्नू), अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर फर्जी रसीदों और अनधिकृत तरीकों का इस्तेमाल कर श्रद्धालुओं से प्राप्त दान राशि ट्रस्ट तक पहुंचने के बजाय निजी खातों में पहुंचाई जा रही थी। जांच के दौरान कथित रूप से फर्जी दस्तावेज और रसीद बुक भी बरामद किए गए हैं। मामले की जांच अभी जारी है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि केवल छोटे लोगों पर कार्रवाई हो रही है और बड़े जिम्मेदार लोगों तक जांच नहीं पहुंच रही।
वहीं, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार दोषियों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है।



