न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सपा विकास विरोधी है’ वाले बयान पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी एकता, समावेशिता और समान विकास की राजनीति में विश्वास करती है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सपा हमेशा समाज को जोड़ने का काम करती रही है और उसकी विचारधारा संविधान से प्रेरित है। उन्होंने कहा, “हम भेदभाव खत्म करने और सामाजिक सद्भाव बढ़ाने के पक्षधर हैं। हमारी राजनीति ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ और ‘हिंदुस्तानियत’ पर आधारित है, जो जाति और धर्म से ऊपर उठकर लोगों को साथ लाती है।”
एक्सप्रेसवे को लेकर भी साधा निशाना
सपा प्रमुख ने गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन का जिक्र करते हुए दावा किया कि प्रदेश में एक्सप्रेसवे विकास की शुरुआत समाजवादी पार्टी की सरकार ने की थी।
उन्होंने कहा कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की योजना और क्रियान्वयन का मॉडल सपा सरकार ने ही स्थापित किया था, जबकि वर्तमान परियोजनाएं अभी भी अधूरी हैं।
श्रमिकों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने श्रमिकों के अधिकारों को लेकर चिंता जताई और कहा कि मजदूरों के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।उन्होंने मांग की कि श्रमिकों को दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों के बराबर वेतन मिलना चाहिए।
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उन्होंने सवाल उठाया कि बढ़ती महंगाई के बीच मजदूर किराया, भोजन, स्वास्थ्य और परिवार का खर्च कैसे संभालेंगे। साथ ही सरकार पर उद्योगपतियों के साथ मिलीभगत कर श्रमिकों के शोषण का आरोप भी लगाया।
पीएम मोदी का बयान क्या था?
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के दौरान समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए उसे विकास और महिला विरोधी बताया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा उन दलों के साथ खड़ी है जो उत्तर प्रदेश के लोगों का अपमान करते हैं और राज्य की प्रगति में बाधा बनते हैं।



