न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में किशोरी की मौत को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच राज्य के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए ऐसा बयान दे दिया, जिससे अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े हो गए।
अखिलेश पर वार, लेकिन सरकार भी घिरी
राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव केवल चुनिंदा मामलों में ही सक्रिय होते हैं, जहां उन्हें राजनीतिक फायदा दिखता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई अन्य गंभीर घटनाएं हुई हैं, लेकिन सपा प्रमुख वहां नहीं पहुंचे।
हालांकि, इस दौरान उन्होंने जिन घटनाओं का जिक्र किया—जैसे बाराबंकी, देवरिया और कौशांबी—उन्हें लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई कि मंत्री ने अनजाने में कानून-व्यवस्था पर अपनी ही सरकार की आलोचना कर दी।
गाजीपुर बवाल पर सपा को ठहराया जिम्मेदार
कटारिया गांव में हुए बवाल को लेकर राजभर ने सीधे तौर पर सपा को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि प्रशासन ने 15 लोगों की अनुमति दी थी, लेकिन मौके पर 200 से ज्यादा लोग पहुंच गए, जिससे स्थिति बिगड़ी।
उन्होंने कहा कि एक संवेदनशील मामले में राजनीति करना गलत है और तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए। राजभर के मुताबिक, जांच से यह संकेत मिल रहे हैं कि किशोरी की मौत आत्महत्या का मामला हो सकता है।
सपा के दौरे पर भी विवाद
बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव ने 29 अप्रैल को गाजीपुर जाने और पीड़ित परिवार से मिलने की बात कही है। इससे पहले सपा प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान भी तनाव की स्थिति बन गई थी, जिस पर अखिलेश ने नाराजगी जताई थी।
पुराने मुद्दों का भी जिक्र
राजभर ने सपा सरकार के कार्यकाल को भी निशाने पर लिया और मुजफ्फरनगर दंगे का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस दौर में सरकार प्राथमिकताओं को लेकर गंभीर नहीं थी।
सरकार की कार्रवाई का जिक्र
मंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, जमीन और आवास देने जैसे कदम उठाए हैं। उनका दावा है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभा रही है, जबकि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है।



