पहलगाम नरसंहार होने से बचा सकते थे ये 2 लोग, 3000 रुपये के लालच में स्थानीय लोगों की कथित भूमिका, जांच में चौंकाने वाले खुलासे

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर जांच में कई अहम बातें सामने आई हैं। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। अब जांच एजेंसियों का कहना है कि अगर समय रहते सूचना दी जाती, तो इस हमले को टाला जा सकता था।

पैसों के लालच में आतंकियों को पनाह देने का आरोप

जांच में सामने आया है कि दो स्थानीय व्यक्तियों—परवेज अहमद और बशीर अहमद—ने कथित तौर पर कुछ पैसों के बदले तीन आतंकियों को अपने ठिकाने पर रुकने दिया। बताया जा रहा है कि हमले से एक दिन पहले ये आतंकी उनके पास आए थे और कई घंटे वहीं रुके।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकियों के पास आधुनिक हथियार थे और वे संदिग्ध बातचीत कर रहे थे। इसके बावजूद इन लोगों ने किसी भी एजेंसी को सूचना नहीं दी।

हमले वाले दिन भी देखे गए संदिग्ध

जांच एजेंसियों के अनुसार, हमले वाले दिन भी इन आतंकियों को इलाके में देखा गया था। बताया गया कि वे छिपकर बैठे थे और किसी बड़ी घटना की तैयारी में थे। इसके बावजूद कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया।

हमले के बाद फरार, बाद में गिरफ्तारी

घटना के बाद दोनों आरोपी इलाके से फरार हो गए थे। बाद में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने जांच के दौरान उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में कई अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।

चार्जशीट में आतंकी संगठन का जिक्र

जांच एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उससे जुड़े नेटवर्क का भी जिक्र किया है। एजेंसियों का कहना है कि हमले के पीछे सीमा पार से साजिश रची गई थी।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं। स्थानीय लोगों से भी अपील की जा रही है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या संबंधित एजेंसियों को दें, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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