लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की सरकार के संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, बंगाल चुनाव के बाद कभी भी मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है, जिसमें नए चेहरों की एंट्री के साथ-साथ विभागों का पुनर्वितरण भी संभव है।
दिल्ली-लखनऊ में मंथन तेज
हाल के दिनों में लखनऊ से लेकर दिल्ली तक लगातार बैठकों का दौर चला है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद संभावित नामों पर चर्चा की जा रही है। इसमें Narendra Modi और Amit Shah जैसे शीर्ष नेतृत्व की भूमिका अहम मानी जा रही है।
ब्राह्मण चेहरे पर खास नजर
कैबिनेट विस्तार में ब्राह्मण समुदाय से एक नए चेहरे को मौका मिल सकता है। फिलहाल उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak प्रमुख ब्राह्मण चेहरा हैं, जबकि Jitin Prasada के दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होने के बाद यह जगह खाली मानी जा रही है।
महिला कार्ड खेलने की तैयारी
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार कैबिनेट विस्तार में किसी महिला नेता को शामिल कर भाजपा मजबूत संदेश देना चाहती है। महिला आरक्षण को लेकर चल रही बहस के बीच यह कदम राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
दलित और PDA समीकरण पर नजर
Akhilesh Yadav के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की काट के तौर पर भाजपा दलित समुदाय से भी किसी नेता को मंत्री बना सकती है। इससे सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की जाएगी।
OBC से भूपेंद्र चौधरी का नाम चर्चा में
ओबीसी वर्ग से Bhupendra Chaudhary का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। जाट समुदाय से आने वाले चौधरी को शामिल कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक संतुलन साधने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
2027 चुनाव पर नजर
भाजपा 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन और सरकार दोनों स्तर पर बदलाव की तैयारी में है। कुछ वरिष्ठ नेताओं को संगठन में जिम्मेदारी देकर नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है।