न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एक दिलचस्प कूटनीतिक बयान सामने आया है। Finland के राष्ट्रपति Alexander Stubb ने कहा है कि अगर भारत चाहे, तो वह United States और Iran के बीच बढ़ते तनाव को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
क्यों भारत पर जताया गया भरोसा?
एक इंटरव्यू में अलेक्जेंडर स्टब ने कहा कि मौजूदा हालात में तुरंत युद्धविराम (सीजफायर) जरूरी है। उनका मानना है कि भारत एक संतुलित और विश्वसनीय वैश्विक शक्ति के रूप में दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर सकता है।
उन्होंने S. Jaishankar के हालिया बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत पहले भी शांति और संवाद की बात करता रहा है, इसलिए वह मध्यस्थता की भूमिका निभा सकता है।
क्या है मौजूदा स्थिति?
पश्चिम एशिया में United States, Israel और Iran के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। हमलों और जवाबी कार्रवाई के चलते सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।
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इस संघर्ष का असर दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग Strait of Hormuz पर भी पड़ा है, जहां आवाजाही प्रभावित हो रही है।
भारत की कूटनीतिक पहल
तनाव के बीच भारत ने संयमित रुख अपनाया है और कूटनीति पर जोर दिया है। S. Jaishankar ने ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi से कई बार बातचीत की है Narendra Modi ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से संपर्क किया है| भारत लगातार क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की अपील करता रहा है।
खाड़ी देशों से भी संपर्क
भारत ने खाड़ी देशों के साथ भी लगातार संवाद बनाए रखा है। वहां भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता जताई गई है।
तनाव के बावजूद Strait of Hormuz से भारतीय जहाजों की आवाजाही जारी है, जो भारत के ऊर्जा हितों के लिए अहम है।



